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Thursday, 21 April, 2011

गैलप का साम्राज्यवादी एवं पक्षपातपूर्ण सर्वे

आज भारत के तमाम समाचारपत्रों में गैलप द्वारा दुनिया के 124 देशों में बेहतर जीवन से संबंधित सर्वे प्रकाशित किया गया। इस सर्वे में भारत को 71वां स्थान दिया है जो कि गैलप की साम्राज्यवादी दृष्टिकोण को दर्शाता है। पाकिस्तान जो कि अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है, जहां का आमजन आर्थिक एवं मानसिक दोनों रूप से परेशान है उसे भारत से ऊपर 40वां स्थान देना इस सर्वे की सत्यता पर भी प्रश्न चिन्ह लगाता है। जहां संपूर्ण पश्चीमी जगत अपने उन्नत जीवन से थक-हार कर शांति के लिए भारतीय परंपरा व जीवन दर्शन की ओर देखता है, उस भारत को 71वां स्थान देना तर्क संगत ही नहीं अपितु अनुचित भी है। सर्वे के आधार पर पश्चिमी देशों को सर्वोच्च स्थान पर रखना भी सर्वे के साम्राज्यवादी दृष्टिकोण को दर्शाता है।


भारत, जहां पारिवारिक जीवन विश्व के किसी भी देश से उन्नत व खुशहाल स्थिति में है उस देश के नागरिक आर्थिक मामले में बेशक कहीं थोड़े कमजोर जरूर हो सकते हैं लेकिन मानसिक तौर पर अन्य देशों की अपेक्षा कहीं ज्यादा संतुष्ट व प्रसन्न हैं। पश्चिमी देश अपने अत्यंत वैभवशाली जीवन से इतने त्रस्त हो चुके हैं कि अब वे भारतीय जीवन दर्शन व परंपरा को अपनाने लगे हैं।

इसके बावजूद सर्वे द्वारा सिर्फ आर्थिक पक्षों के आधार पर पश्चिमी देशों की जीवन शैली को सर्वोच्च स्थान पर रखना एक पक्षीय एवं पक्षपातपूर्ण निर्णय है।

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